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Thursday, 29 April 2021

जीत जायेंगें हम ..... 【 2 】




रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्युनिटी की चर्चा जब से कोरोना की आमद हुई है तब से सबसे अधिक हुई है। इम्युनिटी शरीर की कमजोर पड़ी और अनेक संक्रमण हमें अपनी गिरफ्त में ले को दौड़ पड़ते हैं। हर कोरोना संक्रमित इंसान का इम्युनिटी लेवल खतरनाक हद तक नीचे चला जाता है। अतः सबसे पहले इलाज के साथ इम्युनिटी को बढ़ाने के प्रयास भी प्रारम्भ कर देने चाहिए। शरीर की इम्यूनिटी अच्छी होने से बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।

शरीर का इम्युनिटी लेवल बढ़ाने के लिए खानपान के नियमों का  सख्ती से पालन किया जाए। पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। खाद्य पदार्थों में इम्युनिटी बूस्टर को पहचाना जाए और शरीर की आवश्यकतानुसार उसे भोजन में स्थान दिया जाए। दही, हल्दी, विभिन्न प्रकार के फल, हरी सब्जियाँ, मेवा आदि पोषण के अनेक तत्वों को बढ़ाते हैं। बस इनका नियमित और सही समय पर सेवन किया जाना चाहिए।

आइए अब विभिन्न विटामिन, जिंक, आयरन,एंटीऑक्सीडेंट आदि से समृद्ध फल, सब्जी, अनाज आदि के बारे में चर्चा करें।

कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस, पोटैशियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन A, D, B12 हमें प्राप्त होता है दूध से। दूध हमें ऊर्जा देता है। गर्म दूध का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखता है। पानी की तरह दूध भी नियमित रूप से पिया जाना चाहिए।



हमारी रसोई में पाए जाने वाले मसालों में हल्दी मुकुट के समान होती है। हल्दी एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट दोनों ही होती है। आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक एस्प्रीन माना जाता है। एंटीबायोटिक होने के कारण इसका प्रयोग संक्रमण को रोकता है। एंटीऑक्सीडेंट होने के साथ यह शरीर की सूजन को कम करने में सहायक होती है। यह सिरदर्द या बदन दर्द को कम करती है। गर्म हल्दी वाले दूध में एमिनो एसिड होने के कारण ट्राइप्टोफान उत्पन्न होता है जो अच्छी नींद आने में सहायक होता है।



दही एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक होता है जो हमारे शरीर में अच्छे बैक्टीरिया का निर्माण करता है। इसके सेवन में बस एक ही शर्त है कि यह एकदम ताजा हो। कुछ लोगों को दही खाने से गले में खराश होती है लेकिन यह याद रखने की बात है कि यह इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक है।



हमारे घरों में तुलसी अवश्य लगी होती है। तुलसी एंटीवायरस, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीबायोटिक, एन्टीफ्लू, एंटीइंफ्लेमेटरी और एन्टीडिजीज होती है। रामा तुलसी, श्यामा तुलसी, विष्णु तुलसी, नीबू तुलसी और वनतुलसी को बराबर मात्रा में लेकर उनका अर्क निकाल कर एक लीटर पानी में दो बूंद अर्क डालकर 15 मिनट ढ़ककर रख दें और उसके बाद पियें जो वायरस से बचाव करेगा। तीव्र बुखार में तुलसी की पत्तियों का काढ़ा बहुत आराम देता है। इसका लगातार प्रयोग हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है।



यह लेख जारी रहेगा अगले ब्लॉग में। अभी तो आपसे सब्जियों व मसाले की चर्चा भी करनी है। बस जल्दी ही आपसे मिलती हूँ।