Friday 7 August 2020

इमली की चटनी





 
 

भारत विभिन्न स्वाद के असंख्य व्यंजनों का देश है। हर व्यंजन के स्वाद को महसूस करने का सलीका अलग-अलग है। तमाम तरीके की छोटी-छोटी चीजें मुख्य भोजन के साथ परोसी जाती हैं जो भोजन के प्रस्तुतिकरण को तो ख़ूबसूरत बनाती ही हैं साथ ही भोजन के स्वाद को दुगना कर देती हैं। रायता, सलाद, पापड़, अचार और चटनी उन्हीं में आते हैं।

यहाँ से चर्चा प्रारम्भ करेंगें विभिन्न प्रकार की भारतीय चटनियों की। आज बात करेंगें इमली की ठेठ उत्तर प्रदेश वाली खट्टी मीठी चटनी की जिसमें छुआरा,किशमिश और सोंठ का प्रयोग उसके स्वाद को अवर्णनीय बना देता है। यह स्वाद खा कर ही महसूस किया जा सकता है क्योंकि उसे बताने के लिए शब्दकोश में शब्द ढूँढे नहीं मिलेगा।

आइये एक नज़र इमली से परिचित हो जाया जाए।

इमली एक फल है। इमली का पेड़ फैबासी के परिवार का है और इसका वैज्ञानिक नाम Tamarindus indica है।

इसे अंग्रेजी में इसे Tamarind के नाम से जाना जाता है। 

इस पेड़ का नाम फ़ारसी शब्द `तामार-ए-हिंद` से लिया गया था, जिसका अर्थ है` भारतीय खजूर`। 

हमारे देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में इमली के अलग-अलग नाम हैं। 

हिंदी में ताम्रलिंडी, अंबिली और इमली के रूप में जाना जाता है। 

बंगाली में इमली को टिनटी, नूली और टेंटुल के नाम से जाना जाता है। 

तमिल और मलयालम में पुली नाम से जाना जाता है।

कच्ची इमली हरे रंग की होती है और पकने के बाद यह लाल रंग में परिवर्तित हो जाती है। इसका स्वाद केवल खट्टा या खट्टा-मीठा दोनों हो सकता है। कच्ची इमली स्वाद में अत्यधिक खट्टी होती है। वहीं पक जाने के बाद इसमें थोड़ी मिठास भी घुल जाती है।

इमली के फायदे :-

विटामिन सी, ई और बी के अलावा इमली में कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, पोटेशियम, मैंगनीज और फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी शामिल हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लाभदायक है।

इमली खाकर आप मोटापे से छुटकारा पा सकते हैं। इमली में हाइड्रोसिट्रिक नामक एसिड होता है जो आपके शरीर में बनने वाले फैट को धीरे- धीरे कम करता है। इसके अलावा इमली ओवरईटिंग से भी बचाती है जिससे वजन बढ़ने का खतरा नहीं रहता।

इमली में एंटीऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं और इसमें टैरट्रिक एसिड होता है जो शरीर में कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए इमली बहुत फायदेमंद है, यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है। यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट्स को एबजॉर्ब होने से रोकती है, जिसकी वजह से शुगर लेवल बिगड़ता है। शुगर को कंट्रोल करने के लिए एक छोटा ग्लास इमली का जूस फायदेमंद साबित होगा।

इमली हमारे लीवर को बेहतर बनाने के लिए भी काम की चीज है।

इमली ब्लड प्रेशर कंट्रोल करती है।

इमली में आयरन और पोटेशियम होता है जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और रेड ब्लड सेल को बनाने में मदद करती है।

इमली के नुकसान :-

गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इमली के अधिक सेवन से बचना चाहिए, नहीं तो इसके दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

डायबिटीज के मरीजों (जो इंसुलिन या शुगर संबंधित दवा का उपयोग करते हैं) को इमली का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इमली का उपयोग ब्लड शुगर को नियंत्रित करने का काम करता है। ऐसे में इमली के सेवन से डायबिटीज के मरीज में शुगर की मात्रा काफी कम होने की आशंका रहती है।

इमली के प्रयोग से ब्लड शुगर कम होता है। इसलिए, किसी भी सर्जरी से करीब दो हफ्ते पहले से इमली का प्रयोग बंद कर देना चाहिए। हो सकता है कि इसके उपयोग के कारण सर्जरी के बाद ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मुश्किल आए।

माना जाता है कि इमली में खून को पतला करने वाले गुण पाए जाते हैं। इसलिए, अगर आप खून को पतला करने वाली किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो इमली का उपयोग बिल्कुल न करें। कारण यह है कि खून ज्यादा पतला होने पर किसी दुर्घटना या चोट लगने की स्थिति में शरीर से खून अधिक बह जाने की आशंका रहती है।



Ingredients :-

इमली        - 1/2 कप बीज निकली हुई 

पानी          - 2 कप

हींग           - एक चुटकी

जीरा          - 1/4 tsp

लाल मिर्च    - 1/4 tsp

काला नमक - 1/4 tsp से कुछ अधिक 

सादा नमक  - स्वादानुसार 

गुड़             - 8 tbsps कद्दूकस किया 

सौंफ बड़ी     - 1 tsp 

मंगरैल         - 1/4 tsp

छुआरा         - 3 tbsps लंबा पतला स्लाइस किया हुआ 

किशमिश     - 1 tbsp


Method :-

इमली को रात भर पानी में भिगो दीजिये।

सुबह उसका पल्प निकाल लीजिए।

पल्प को छान लीजिये।


1 tsp रिफाइंड में हींग, जीरा और मंगरैल/कलौंजी का तड़का दीजिये।

लाल मिर्च पाउडर डालिये और इमली का पल्प मिलाइये।

चलाते हुए 2 मिनट पकाइए।


गुड़ व दोनों नमक मिलाइये।

5 मिनट तक पकने दीजिये।

यहाँ पर चटनी का गाढ़ापन अपने हिसाब से रखिये। हो सकता है 3 मिनट बाद ही आपको अपनी पसंद का गाढ़ापन मिल जाये।


सौंफ पाउडर और सोंठ मिलाइये और 1 से 2 मिनट तक और पकाइए।

छुआरा और किशमिश मिलाकर गैस से हटा कर ठंडा कीजिये।


एकदम ठंडा हो जाने पर बोतल में भर कर रखिये।


No comments:

Post a Comment